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Bhishma Ekadashi 2019 Dates~भीष्म एकादशी

Bhishma Ekadashi 2019 Dates~भीष्म एकादशी
This year's Bhishma Ekadashi 2019 Dates~भीष्म एकादशी

Saturday, 16 Feb - 2019

Bhishma Ekadashi~भीष्म एकादशी in year 2019 will be celebrated on Saturday,16th February, 2019.     

Time for Celebration of Festival : Bhishma Ekadashi, or Bheesma Ekadasi, is observed on Shukla  paksha Ekadashi tithi in the Magha Month of Hindu Vikrami Samvat Calender(January-February).
The main territories of the festival : Bhishma - Ekadashi Festival is celebrated in South India, especially in Andhra Pradesh.

Worship in Festival : The people for this festival perform worship Lord Bhishma. Bhishma Ekadashi is dedicated to Son of godsess Ganga named bhishma. Bhishma was the old warrior of Kurukshetra and the sons of Ganga and Shantanu. This festival is celebrated on the eleventh day in Magha Shukla ekadashi according to Hindu Vikrami Samvat, of Magh month. Antaravedi Lakshmi Narasimha Swami Temple, which is in East Godavari district in Andhra Pradesh, is an important event of this festival. During the celebration of this festival, Narasimha Swami Kalyanotsav (Lord Narasimha and Goddess Lakshmi divine marriage ceremony) is celebrated on the tenth day of Magh month and the Rath Yatra is celebrated on Bhishma Ekadasi day. Practice of Fast is performed by Brahmins and Akshatriyas on this day, they also worship for Bhishma, On the day of dwadasi the fast is completed and give a feast, all devotee worship to the Lord Bhishma.

Significance of Bhishma Ekadashi Festival : This Festival is most popular in South India and specialy in Andhra Pradesh. The popular belief is that on this day the Vishnu Sahasranama Stotram (thousand names dedicated to Lord Vishnu) was revealed to the Pandavas by Bhisma. Bhishma was lying in a bed of arrows after the Great War in Mahabharat when he revealed the thousand names of Lord Vishnu. This particular period (January to February) in a traditional Hindu Vikrami Samvat calendar has numerous auspicious dates dedicated to Bhishma in various regions in India. Some of the important days are Bhishma Ashtami,  Bhishma Ekadasi and Bhisma Dwadasi. It is believed that Bhishma chose this period to leave his body and merge with Brahmaa. Jaya Ekadashi is celebrated on this particular day in Northern India.


उत्सव मनाने का समय : भीष्म एकादशी महोत्सव का समय हिंदू विक्रमी सम्वत पंचांग के अनुसार माघ (जनवरी-फरवरी) मास की एकादशी को मनाया जाता है।
समारोह के प्रमुख शासित प्रदेश : भीष्म - एकादशी महोत्सव दक्षिण भारत में, विशेष रूप से आंध्र प्रदेश में मनाया जाता है।

समारोह में पूजा : इस महोत्सव में लोग भगवान भीष्म की पूजा करते है। भीष्म एकादशी देवी गंगा पुत्र भीष्म को समर्पित है। भीष्म कुरुक्षेत्र के पुराने योद्धा और गंगा और शांतनु के पुत्र थे ये त्योहार माघ शुक्ल एकादशी, माघ मासं में ग्यारहवें दिन पर मनाया जाता है. अंतर्वेदी लक्ष्मी नरसिंह स्वामी मंदिर, जो पूर्वी गोदावरी जिले में आंध्र प्रदेश में है, इस त्योहार की एक महत्वपूर्ण घटना है. इस त्योहार के समारोहोत्सव के दौरान, नरसिंह स्वामी कल्यानोत्सवं (भगवान नरसिंह और देवी लक्ष्मी की दिव्य शादी समारोह) दशमी के दिन को मनाया जाता है और रथ यात्रा भीष्म एकदाशी के दिन मनाई जाती है। इस दिन ब्राह्मणों और क्षत्रियों के द्वारा उपवास किया जाता है। वे लोग भीष्म के लिए पूजा करते है द्वादसी बाले दिन व्रत खोलते है और एक भंडारा देते है सभी लोग भगवान् भीष्म की पूजा करते हैं।

भीष्म एकादशी समारोह महत्व : यह त्योहार दक्षिण भारत में सबसे अधिक लोकप्रिय है और आंध्र प्रदेश में विशिष्ट रूप से। लोकप्रिय धारणा यह है कि इस दिन भगवान्  विष्णु सहस्रनाम स्त्रोत (भगवान विष्णु के एक हजार नाम) भीष्म द्वारा पांडवों को आशीर्वाद स्वरुप प्रदान किये गए थे। महाभारत में महान धर्म युद्ध के समय जब भीष्म बाणो की शर शैय्या पर लेटे थे तब उन्होंने भगवान विष्णु के हजार नामो का उच्चारण किया था और पांडवो को यह धर्म ज्ञान स्वरुप प्रदान किये थे। पारंपरिक हिंदू विक्रमी संवत कैलेंडर के अनुसार यह विशेष अवधि (जनवरी से फरवरी) में भारत के विभिन्न क्षेत्रों में भीष्म को समर्पित कई शुभ तिथियां हैं। जिनमे से कुछ महत्वपूर्ण दिन भीष्म अष्टमी, भीष्म एकादाशी और भीष्म द्वादशी हैं। ऐसा माना जाता है कि भीष्म ने इस अवधि को अपने शरीर को छोड़ने और ब्रह्म में एक रूप मिलने के लिए चुना था। उत्तरी भारत में इस दिन को जया एकादशी के रूप में मनाया जाता है।
 
 
 
 
 
UPCOMING EVENTS
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  When is Karwa Chauth in 2018, 28 October 2018, Sunday
  When is Ahoi Ashtami 2018, 31 October 2018, Wednesday
  Rama Ekadashi 2018 Date, 3 November 2018, Saturday
  Dhanteras 2018 Date, 5 November 2018, Monday
 
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