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Tisua Somvar~तिसुआ सोमवार


चैत्रमास के चारो सोमवार को 'तिसुआ सोमवार' कहा जाता हैं।  इन सोमवारों को भगवान् जगन्नाथ (जगदीश) जी के मंदिर और प्रतीकों की पूजा होती है।  इन सोमवारों का व्रत पूजन वही लोग करते हैं जिन्होंने जगन्‍नाथपुरी में भगवान् जग्गंनाथ जी के दर्शन कर लिए होते हैं।  दोपहर तक श्री जगदीश जी के दर्शन करके आने वाला अथवा घर के प्रमुख व्यक्ति व्रत करने वाले होते हैं। तिसुआ सोमवार में जगदीश के मंदिरो की पूजा होती है। पहले सोमवार फूले हुए देवल और गुड़ से, दूसरे सोमवार गुड़ धनिया से, तीसरे सोमवार पंचामृत से तथा चौथे सोमवार गंगभोग या कच्‍चा पक्‍का, हर तरह का पकवान बनाकर भोग लगाया जाता है व् इसके पश्चात पूजा की जाती है। ऐसा माना जाता है की इन चारो सोमवारों पर अगर सच्ची श्रद्धा व् लगन लगन के साथ व्रत रखते है तो उसके सभी दुःख दूर हो जाते है।

 



The four Mondays of Chaitramas are called 'Tisuwa Mondays'( Tisua Somvar). On these Mondays, Lord Jagannath (Jagdish) Ji's Temple and symbols are worshiped. These Mondays are fasted by the same people who have visited Lord Jagannathji in Jagannathpuri. By noon, the person coming to see Jagdish ji or the main person of the house is going to fast. Temples of Jagdish are worshiped on Tisua Monday. The first Monday is made with puffed deol and jaggery, the second Monday with jaggery coriander, the third Monday with panchamrit, and the fourth Monday, Gangabhog or Kachcha Pakka, every kind of dish is made and offered as an offering and then worshiped. It is believed that if on these four Mondays, with true devotion and dedication, then all his sorrows are gone.

 
 
 
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