Home » Lal Kitab Remedies » कष्ट दूर करने हेतु मन्त्र

कष्ट दूर करने हेतु मन्त्र

हमारे जीवन में बहुत समस्याएँ आती रहती हैं, मिटती नहीं हैं ।, कभी कोई कष्ट, कभी कोई समस्या | ऐसे लोग शिवपुराण में बताया हुआ एक प्रयोग कर सकते हैं कि, कृष्ण पक्ष की चतुर्थी (मतलब पुर्णिमा के बाद की चतुर्थी ) आती है | उस दिन सुबह छः मंत्र बोलते हुये गणपतिजी को प्रणाम करें कि हमारे घर में ये बार-बार कष्ट और समस्याएं आ रही हैं वो नष्ट हों।

छः मंत्र इस प्रकार हैं

सुमुखाय नम: सुंदर मुख वाले; हमारे मुख पर भी सच्ची भक्ति प्रदान सुंदरता रहे ।

दुर्मुखाय नम: मतलब भक्त को जब कोई आसुरी प्रवृत्ति वाला सताता है तो… भैरव देख दुष्ट घबराये ।

मोदाय नम: मुदित रहने वाले, प्रसन्न रहने वाले । उनका सुमिरन करने वाले भी प्रसन्न हो जायें ।

प्रमोदाय नम: प्रमोदाय; दूसरों को भी आनंदित करते हैं । भक्त भी प्रमोदी होता है और अभक्त प्रमादी होता है, आलसी । आलसी आदमी को लक्ष्मी छोड़ कर चली जाती है । और जो प्रमादी न हो, लक्ष्मी स्थायी होती है ।

अविघ्नाय नम: किसी भी प्रकार की विघ्न से बचने हेतु |
विघ्नकरत्र्येय नम: विघ्नो के निवारण के लिए ये मन्त्र |

 
 
 
Comments:
 
 
 
 
UPCOMING EVENTS
  Navratri 2021 Dates, 13 April 2021, Tuesday
  Chaitra Navratri 2021, 13 April 2021, Tuesday
  Baisakhi, 14 April 2021, Wednesday
  Mesha Sankranti, 14 April 2021, Wednesday
  Gauri Tritiya, 15 April 2021, Thursday
  Yamuna Chhath, 18 April 2021, Sunday
 
 
Free Numerology
Enter Your Name :
Enter Your Date of Birth :
Subscribe for Newsletter
Copyright © MyGuru.in. All Rights Reserved.
Site By rpgwebsolutions.com