Home » Article Collection » अपनी सनातन संस्कृति के अभिन्न अंग

अपनी सनातन संस्कृति के अभिन्न अंग

 
  1. दो पक्ष - कृष्ण पक्ष एवं शुक्ल पक्ष। 
  2. तीन ऋण - देव ऋण, पित्र ऋण एवं ऋषि त्रण । 
  3. चार युग - सतयुग , त्रेता युग , द्वापरयुग एवं कलयुग। 
  4. चार धाम - द्वारिका , बद्रीनाथ, जगन्नाथ पूरी एवं रामेश्वरम धाम। 
  5. चारपी - शारदा पी ( द्वारिका ), ज्योतिष पी ( जोशीम बद्रिधाम), गोवर्धन पी ( जगन्नाथपुरी ) एवं श्रन्गेरिपी !
  6. चार वेद- ऋग्वेद , अथर्वेद, यजुर्वेद एवं सामवेद । 
  7. चार आश्रम - ब्रह्मचर्य , गृहस्थ , बानप्रस्थ एवं संन्यास !
  8. चार अंतःकरण - मन , बुद्धि , चित्त , एवं अहंकार !
  9. पञ्च गव्य - गाय का घी , दूध , दही , गोमूत्र एवं गोबर , !
  10. पञ्च देव - गणेश , विष्णु , शिव , देवी और सूर्य !
  11. पंच तत्त्व - प्रथ्वी, जल, अग्नि, वायु एवं आकाश !
  12. छह दर्शन - वैशेषिक , न्याय , सांख्य, योग , पूर्व मिसांसा एवं दक्षिण मिसांसा !
  13. सप्त ऋषि - विश्वामित्र , जमदाग्नि , भरद्वाज , गौतम , अत्री , वशिष् और कश्यप !
  14. सप्त पूरी - अयोध्या पूरी , मथुरा पूरी , माया पूरी ( हरिद्वार ) , कशी , कांची ( शिन कांची - विष्णु कांची ) , अवंतिका और द्वारिका पूरी !
  15. आ योग - यम , नियम, आसन , प्राणायाम , प्रत्याहार , धारणा , ध्यान एवं समाधी !
  16. आ लक्ष्मी - आग्घ, विद्या, सौभाग्य, अमृत, काम, सत्य, भोग, एवं योग लक्ष्मी !
  17. नव दुर्गा - शैल पुत्री , ब्रह्मचारिणी , चंद्रघंटा , कुष्मांडा , स्कंदमाता , कात्यायिनी , कालरात्रि , महागौरी एवं सिद्धिदात्री !
  18. दस दिशाएं - पूर्व , पश्चिम, उत्तर, दक्षिण, इशान, नेत्रत्य, वायव्य आग्नेय ,आकाश एवं पाताल !
  19. मुख्या ग्यारह अवतार - मत्स्य , कच्छप , बराह , नरसिंह , बामन , परशुराम , श्री राम , कृष्ण , बलराम , बुद्ध , एवं कल्कि !
  20. बारह मास - चेत्र , वैशाख , ज्येष् ,अषाड़ , श्रावन , भाद्रपद , अश्विन , कार्तिक , मार्गशीर्ष . पौष , माघ , फागुन !
  21. बारह राशी - मेष , ब्रषभ , मिथुन , कर्क , सिंह , तुला , ब्रश्चिक , धनु , मकर , कुम्भ , एवं कन्या !
  22. बारह ज्योतिर्लिंग - सोमनाथ, मल्लिकर्जुना, महाकाल, ओमकालेश्वर , बैजनाथ , रामेश्वरम , विश्वनाथ , त्रियम्वाकेश्वर , केदारनाथ , घुष्नेश्वर, भीमाशंकर एवं नागेश्वर। 
  23. पंद्रह तिथियाँ - प्रतिपदा, द्वतीय, तृतीय, चतुर्थी, पंचमी, षष् ी, सप्तमी, अष्टमी, नवमी, दशमी, एकादशी, द्वादशी, त्रयोदशी, चतुर्दशी, पूर्णिमा, अमावश्या। 
  24. स्म्रतियां - मनु, विष्णु, अत्री, हारीत, याज्ञवल्क्य, उशना, अंगीरा, यम, आपस्तम्ब, सर्वत, कात्यायन, ब्रहस्पति, पराशर, व्यास, शांख्य, लिखित, दक्ष, शातातप, वशिष् । 
Comment
 
Name:
Email:
Comment:
Posted Comments
 
"om namh shivay..."
Posted By:  krishna
 
"guruji mein shri balaji ki pooja karta hun krishna muje pyare lagte lekin fir mein kahi se ya mandir mein jata hun to lagta hai har bhagwan ko importance do aur ap muje mandir aur gar ki poja bidi bataye aur nakartmak vichar god ke parti na aaye"
Posted By:  vikaskrishnadas
 
"वास्तु टिप्स बताएँ ? "
Posted By:  VAKEEL TAMRE
 
""jai maa laxmiji""
Posted By:  Tribhuwan Agrasen
 
"यह बात बिल्कुल सत्य है कि जब तक हम अपने मन को निर्मल एवँ पबित्र नही करते तब तक कोई भी उपदेश ब्यर्थ है"
Posted By:  ओम प्रकाश तिवारी
 
Upcoming Events
» , 19 December 2020, Saturday
» , 29 December 2020, Tuesday
» , 1 January 2021, Friday
» , 1 January 2021, Friday
» , 9 January 2021, Saturday
» , 14 January 2021, Thursday
Subscribe for Newsletter
Prashnawali

Ganesha Prashnawali

Ma Durga Prashnawali

Ram Prashnawali

Bhairav Prashnawali

Hanuman Prashnawali

SaiBaba Prashnawali
 
 
Free Numerology
Enter Your Name :
Enter Your Date of Birth :
 
Dream Analysis
Dream
  like Wife, Mother, Water, Snake, Fight etc.
 
Copyright © MyGuru.in. All Rights Reserved.
Site By rpgwebsolutions.com