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शनिदेव के कुप्रभावों से बचने के उपाय

शनिदेव के कुप्रभाव से व्यक्ति को कई प्रकार की परेशानियों का सामना करना पड़ता है। लेकिन जिन पर शनिदेव की कृपा बनती है उन्हें हर क्षेत्र में सफलता मिलती है। व्यक्ति की कुंडली में साढ़ेसाती और ढय्या होने पर ये उसकी सफलता में बाधक बनती है। इनसे मुक्ति हेतु कुछ सरल उपाय शनिवार को करने से शनिदेव प्रसन्न होते हैं और बाधाओं से मुक्ति दिलाते हैं। जिससे व्यक्ति को हर कार्यों में सफलता मिलनी शुरु हो जाती है।

1.प्रत्येक शनिवार को काले तिल, आटा, शक्कर लेकर इन तीनों चीजों को मिला लें। उसके बाद ये मिश्रण चींटियों को खाने के लिए डाल दें।

2.शनि से संबंधित बाधाओं से मुक्ति पाने के लिए काले घोड़े की नाल या नाव की कील से अंगूठी बनाकर अपनी मध्यमा उंगली में शनिवार के दिन सूर्यास्त के समय धारण करें।

3.शनिदोष से मुक्ति हेतु शनिदेव के इन दस नामों का जाप करें। इसके साथ ही व्यक्ति को कार्यों में सफलता भी मिलती है। शनिदेव के नामों का कम से कम 108 बार जप करें। नाम इस प्रकार हैं-
कोणस्थ, पिंगल, बभ्रु, कृष्ण, रौद्रान्तक, यम, सौरि, शनैश्चर, मंद, पिप्पलाश्रय

4.दान करने से पुण्य की प्राप्ति होती है। इसलिए सामर्थ्य के अनुसार काले तिल, काला कपड़ा, कंबल, लोहे के बर्तन, उदड़ की दाल का दान करें। इससे शनिदेव प्रसन्न होकर शुभ फल प्रदान करते हैं।

5.बंदरों को गुड़ व चना खिलाने से हनुमान जी प्रसन्न होते हैं। प्रत्येक शनिवार हनुमान चालीसा का पाठ करें। हनुमान जी का पूजन करने से व्यक्ति को शनि दोषों का सामना नहीं करना पड़ता।

6.शनिदेव की पूजा कर उन्हें नीले पुष्प अर्पित करें। इसके साथ ही शनि मंत्र ऊँ शं शनैश्चराय नमः का रुद्राक्ष की माला में जप करें। मंत्र की जप संख्या 108 होनी चाहिए। ऐसा हर शनिवार करने से साढ़ेसाती और ढय्या से मुक्ति मिलती है।

7.सुबह शीघ्र उठकर स्नादि कार्यों से निवृत होकर एक कटोरी में तेल लेकर उसमें अपना चेहरा देखें। उसके बाद उस तेल को किसी जरुरतमंद व्यक्ति को दान कर दें। इससे शनिदेव प्रसन्न होते हैं और भाग्य संबंधी बाधाएं भी दूर होती हैं।

8.सुबह स्नान करने के बाद पीपल को जल अर्पित करें। इसके साथ ही सात परिक्रमा करें। सूर्यास्त के बाद सुनसान स्थान पर लगे पीपल के पास दीपक प्रज्वलित करें। यदि ऐसा न हो तो किसी मंदिर में लगे पीपल के पास भी दीपक प्रज्वलित किया जा सकता है।

9.तांबे के लोटे में जल लेकर उसमें काले तिल डालें। उसके बाद ये जल शिवलिंग पर अर्पित करें। ऐसा करने से व्यक्ति को सभी रोगों से मुक्ति मिलेगी और भोलेनाथ की कृपा से आर्थिक तंगी दूर होगी।

 
 
 
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