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» भागवत कथा के श्रवण से ही हो जाता है मन मस्तिष्क शुद्ध 

भागवत कथा के श्रवण से ही हो जाता है मन मस्तिष्क शुद्ध

 
भागवत कथा के श्रवण से ही हो जाता है मन मस्तिष्क शुद्धInformation related to भागवत कथा के श्रवण से ही हो जाता है मन मस्तिष्क शुद्ध.

भागवत कथा ज्ञान का वह भंडार है, जिसके वाचन और सुनने से वातावरण में शुद्धि तो आती ही है। साथ ही, मन और मस्तिष्क भी स्वच्छ हो जाता है।

भागवत कथा के ज्ञान से आत्मा शुद्ध होती है और बुरे विचार अपने आप ही समाप्त हो जाते हैं। श्रीकृष्ण और सुदामा की मित्रता जगत विख्यात है। विकट परिस्थितियों में एक-दूसरे के काम आना ही मित्र धर्म है। भगवान श्रीकृष्ण ने अपने मित्र धर्म को निभाते हुए सुदामा की दरिद्रता को दूर किया।

 भागवत कथा से घर और समाज में पवित्रता बनती है, जो सुख व शांति का आधार है। भागवत कथा व गीता के ज्ञान को अपने जीवन में धारण करना चाहिए, ताकि जीवन सफल हो सके।

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